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अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव कुल्लू में सोनू निगम ने खूब नचाए दर्शक

नशे पर सोनू निगम का विवादस्पद बयान, कहा जिसे जो करना है करे, मेरा ध्यान संगीत पर.

  • अंकित वालिया

सोनू निगम भारतीय पाश्र्व गायक जो कि मुख्यतः हिन्दी और कन्नड़ फिल्मों में गाने गाते हैं उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव मैं पिछले कल अपने गानों से खूब धमाल मचाया। उत्सव में मौजूद लोगों ने सोनू निगम के गानों को खूब पसंद किया। सोनू निगम करीब 10:00 बजे मैदान में पहुंचे इसके बाद उन्होंने हर घड़ी बदल रही है रूप जिंदगी, तू ही तू तू ही तू सतरंगी रे, ये दिल दीवाना, मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो, तुझे लागे ना नजरिया, मेरे सपनो की रानी समेत करीब 25 से ज्यादा गाने गाए। उन्होंने कई अन्य भाषाओं में भी गाने गाए हैं जिसमें मणिपुरी, गढ़वाली, ओडि़या, तमिल, असामीज, पंजाबी, बंगाली, मलयालम, मराठी, तेलगु और नेपाली शामिल हैं। उनके भारतीय पाॅप एल्बम भी रिलीज हुए हैं और उन्हें कुछ फिल्मों में अभिनेता के तौर पर भी काम किया है। वे पुरूषों में उदित नारायण के बाद ऐसे गायक रहे हैं जिन्होंने सबसे लंबे वक्त तक हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में राज किया है। उनकी आवाज का जादू कुछ ऐसा हैं कि इसने पूरे देश में उनकी गायकी का लोहा माना और वे हर वर्ग के लोगों की पसंद बन गए।

 

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उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में स्वरूप खान ने प्रस्तुति दी। जबकि, दूसरी सांस्कृतिक संध्या यानी नौ अक्तूबर को सुरेश वाडेकर, 10 को पंजाबी कलाकार निंजा,11 को ज्योतिका टांगरी व कुशल पाल, 12 को सिराज खान, 13 को सोनू निगम ने प्रस्तुति दी। 6वी अन्तर्राष्ट्रीय संध्या में सोनू निगम ने करीब डेढ़ घंटे से ज्यादा लोगों का मनोरंजन अपने लाजवाब गीतों से किया। उनके गीतों को सुनकर पुराने दौर के गीत मानो नए से लगने लगे।

उत्सव में सुरक्षा की दृष्टि से इस बार 106 सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए है। इन सीसीटीवी कैमरों से दशहरा उत्सव (Dussehra Festival) की हर गतिविधि पर नजर रहेगी। पहले पुलिस ने यहां 90 सीसीटीवी लगाने का लक्ष्य रखा था।

कार्यक्रम से पहले सोनू निगम ने पत्रकार वार्ता में बताया कि हिमाचल मुझे काफी पसंद है तथा यही कारण है कि पिछले चार-पांच दिनों से अपने बैजनाथ-पपरोला के मित्र के घर रूककर विभिन्न मंदिरों में गया। उन्होंने कहा कि यहां के लोग काफी मिलनसार हैं, मैं जिनसे भी मिला उन्होंने उनका दिल से स्वागत किया। पहाड़ी गानों को प्रमोट करने को लेकर पूछे गए सवाल पर सोनू निगम ने कहा कि अगर हिमाचल में फिल्में बनती हैं और उन्हें उसमें गाने के लिए बुलाया जाता है तो वो जरूर गाएंगे। वह पहाड़ों से बहुत प्यार करते हैं। उनकी माता के पहाड़ी होने के कारण उनका डीएनए भी पहाड़ी है। नशे पर पूछे सवाल को टालते हुए कहा कि जिसने जो करना है वो करेगा, मेरा ध्यान केवल संगीत पर है। सोनू निगम ने मोहित चौहान को याद करते हुए कहा कि वह हमारे सीनियर गायक हैं।

इस कार्यक्रम में हिमाचल के  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कुल्लू दशहरा का इतिहास

कुल्लू के राजा जगत सिंह को किसी ने गलत सूचना दी कि पार्वती घाटी के टिप्परी गांव के एक पंडित दुर्गादत्त के पास मोतियों का भंडार है, वह राजा के पास होना चाहिए। राजा ने बिना सोचे समझे लोगों की बातों में आकर ही पंडित से उन मोतियों को लाने भेजा लेकिन उसके पास मोती नहीं थे और उसने आत्महत्या कर ली। ब्राह्मण हत्या का खुद को दोषी मानकर राजा दुखी रहने लगे और उनको कुष्ठ रोग होने लगा। इसके बाद उन्होंने अपनी समस्या झिड़ी नामक स्थान पर पयहारी बाबा नाम के सिद्ध वैष्णव संत को बताई। उन्होंने राजा को भगवान रघुनाथ को अयोध्या से लाने को कहा। इसके बाद भगवान रघुनाथ की मूर्ति कुल्लू लाई गई। राजा इसके बाद बीमारी से ठीक हो गया और उसके बाद यहां पर दशहरे का आयोजन शुरू हुआ।

जानिए सोनू निगम के बारे में

सोनू का जन्म एक कायस्थ परिवार में फरीदाबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी गायकी का करियर 4 साल की उम्र में ही शुरू कर दिया था जब उन्होंने एक स्टेज पर आकर अपने पिता अगम निगम के साथ मोहम्मद रफी के गाने ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाने को गाना शुरू कर दिया। उसके बाद से वे अपने पिता के साथ शादियों और पार्टियों में गाने लगे। 19 साल की उम्र में वे गायकी को अपना करियर बनाने के लिए अपने पिता के साथ मुंबई आ गए। उन्होंने हिन्दुस्तानी क्लासिकल गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से प्रशिक्षण लिया। उनकी शादी 15 फरवरी 2002 में मधुरिमा से हुई थी जो कि बंगाली परिवार से हैं। उनका एक लड़का भी हैं जिसका नाम निवान निगम है।

करियर के शुरूआती दिनों में मुंबई में उन्होंने काफी संघर्ष किया। बाद में टी सीरीज के प्रमोटर गुलशन कुमार ने उन्हें बड़ी आडियंस तक पहुंचने का उन्हें मौंका दिया। प्लेबैक सिंगर के तौर पर उनका पहला फिल्मी गाना ‘जानम’ फिल्म कें लिए था जो कि आधिकारिक तौर पर रिलीज ही नहीं हुई। फिर वे रेेडियो काॅमर्शियल्स बनाने लगे और उसमें से कुछ में उन्होंने अभिनय भी किया।

1995 में वे पापुलर टीवी शो ‘सा रे गा मा पा’ होस्ट करने लगे। इसके बाद, उन्होंनेे फिल्म बेवफा सनम का गाना ‘अच्छा सिला दिया’ गाया। उन्होंनेे फिल्म बाॅर्डर में अनु मलिक द्वारा कम्पोज किए गए सांग ‘सन्देसे आते हैं’ को भी गाया जो कि काफी हिट हुआ और लोगों की जुबान पर चढ़ गया। वहीं फिल्म परदेस में ‘ये दिल’ गाने ने भी लोगों का दिल जीता। 1999 में टी सीरीज ने निगम का अल्बम दीवाना रिलीज किया, इसका संगीत साजिद वाजिद ने दिया था। सोनू ने हिन्दी की कई अन्य फिल्मों में भी गाने गाए और कई पुरस्कार जीतें। उन्हें फिल्म कल हो ना हो के टाइटल सांग और फिल्म अग्निपथ के गाने ‘अभी मुझमें कही’ के लिए काफी सराहना मिली। उन्होंने रोमांटिक, राॅक, सैड, देशभक्ति जैसी हर तरह की शैलियों के गाने गाए है।

कम्पोजर के तौर पर

निगम ने सोलो कम्पोजर के तौर पर फिल्म सिंह साहब द ग्रेट का टाइटल सांग कम्पोज किया। उन्होंने फिल्म सुपर से उपर और जल के भी संगीत को कम्पोज किया है।

टेलीविजन पर भी दर्ज कराई उपस्थिति

वे मशहूर टेलीविजन शो सा रे गा मा पा के होस्ट रहे हैं। उन्होंने 2002 में स्टार प्लस के टीवी शो किसमें कितना है दम को भी होस्ट किया है। निगम इंडियन आइडल के जज के भी रूप में अपना काम करते दिखाई दिए। वहीं वे अमूल स्टार वाॅयस आॅफ इंडिया में सेलिब्र्रिटी जज के रूप में दिखाई दिए। वे राहत नुसरत फतेह अली खान के साथ छोटे उस्ताद-दो देशों की एक आवाज में भी जज के तौर पर दिखाई दिए। वे संजय लीला भंसाली और श्रेया घोषाल के साथ सोनी पर प्रसारित हुए शो एक्स फैक्टर के भी जज रहे हैं।

अभिनय में भी आजमाया हाथ पर यहां ज्यादा सफल नहीं हुए

निगम का अभिनय करियर बाल कलाकार के तौर पर फिल्म बेताब से शुरू हुआ। बाद में वे जाॅनी दुश्मनः एक अनोखी कहानी, काश आप हमारे होते और लव इन नेपाल जैसी फिल्मों में दिखे। इन सभी फिल्मों को ठीक-ठाक ही रेस्पांस मिला।

आज रात सातवें अंतिम दशहरा उत्सव में हिमाचली नाइट का आयोजन किया जा रहा है इसमें कई हिमाचली कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।

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